भारत, जो एक प्राचीन सभ्यता का प्रतीक है, केवल अपने शहरों या कृषि क्षेत्रों से ही नहीं बल्कि अपने जंगलों, पहाड़ी इलाकों और दुर्गम क्षेत्रों से भी जीवित है—यही वे क्षेत्र हैं जहाँ tribes of India पीढ़ियों से निवास करते आ रहे हैं। ये समुदाय, जिन्हें संविधान में अनुसूचित जनजाति (Scheduled Tribes – STs) के रूप में मान्यता दी गई है, भारतीय उपमहाद्वीप के सबसे प्राचीन मानव समूहों का प्रतिनिधित्व करते हैं।
हालिया जनगणना आँकड़ों और 2024–25 तक के अनुमानों के अनुसार, tribes of India देश की कुल जनसंख्या का लगभग 8.6% हैं। यह संख्या 10.4 करोड़ से अधिक है और इसमें 705 से अधिक अलग-अलग जनजातीय समुदाय शामिल हैं।
यह विशाल विविधता tribes of India को विश्व की सबसे बड़ी आदिवासी आबादी बनाती है—जिसमें अंडमान द्वीपों के एकांत शिकारी समुदायों से लेकर उत्तर-पूर्व भारत के राजनीतिक रूप से संगठित और स्वायत्त जनजातीय समाज तक शामिल हैं।
आदिवासी शब्द और संवैधानिक पहचान
“आदिवासी” शब्द का शाब्दिक अर्थ है मूल निवासी। हालांकि, भारतीय संविधान के अनुच्छेद 342 में “आदिवासी” शब्द का प्रयोग नहीं किया गया है। इसके अंतर्गत राष्ट्रपति को यह अधिकार है कि वे कुछ विशेष समूहों को Scheduled Tribes घोषित करें।
इनकी पहचान के मापदंड हैं:
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विशिष्ट संस्कृति
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भौगोलिक अलगाव
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सामाजिक-आर्थिक पिछड़ापन
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बाहरी समाज से सीमित संपर्क
मानवविज्ञान की दृष्टि से tribes of India किसी एक समूह की तरह नहीं हैं। इनमें चार प्रमुख नस्लीय समूह शामिल हैं:
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Negrito
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Proto-Australoid
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Mongoloid
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Caucasoid
इनकी भाषाएँ भी चार प्रमुख भाषा परिवारों में फैली हैं:
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Austro-Asiatic
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Dravidian
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Tibeto-Burman
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Indo-Aryan
tribes of India: केवल लाभार्थी नहीं, बल्कि संरक्षक
tribes of India को केवल सरकारी योजनाओं के लाभार्थी के रूप में देखना एक सीमित दृष्टिकोण है। वास्तव में, ये समुदाय:
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जैव विविधता के संरक्षक
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सतत जीवनशैली के निर्माता
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पारंपरिक ज्ञान के संवाहक
हैं, जिनका महत्व आज के climate-conscious world में और भी बढ़ गया है।
यह रिपोर्ट tribes of India का राज्य-वार विश्लेषण प्रस्तुत करती है—जिसमें उनकी जनसंख्या, संस्कृति, कला, जीवनशैली और 21वीं सदी की चुनौतियों को विस्तार से समझाया गया है।
जनसांख्यिकीय स्थिति और क्षेत्रीय वितरण (tribes of India)
tribes of India का भौगोलिक वितरण असमान है। मध्य भारत में जनसंख्या अधिक है, जबकि उत्तर-पूर्वी राज्यों में जनजातीय घनत्व सबसे ज्यादा है।
क्षेत्रीय वितरण का संक्षिप्त विवरण
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उत्तर-पूर्व भारत: सबसे अधिक जनजातीय प्रतिशत
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मध्य भारत: संख्या में सबसे बड़ा जनजातीय क्षेत्र
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दक्षिण भारत: पारिस्थितिक रूप से महत्वपूर्ण जनजातियाँ
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द्वीप क्षेत्र: अत्यंत अलग-थलग समुदाय
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हिमालयी क्षेत्र: अर्ध-घुमंतू और व्यापारिक जनजातियाँ
Seven Sisters and a Brother: उत्तर-पूर्व भारत की जनजातियाँ (tribes of India)
उत्तर-पूर्व भारत वह क्षेत्र है जहाँ tribes of India अल्पसंख्यक नहीं, बल्कि सामाजिक और राजनीतिक मुख्यधारा हैं।
अरुणाचल प्रदेश: उगते सूरज की धरती
अरुणाचल प्रदेश में:
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26 प्रमुख जनजातियाँ
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100+ उप-जनजातियाँ
यहाँ रहने वाली tribes of India मुख्यतः Mongoloid नस्ल की हैं और Tibeto-Burman भाषाएँ बोलती हैं।
सांस्कृतिक विभाजन
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पश्चिमी क्षेत्र: Monpa, Sherdukpen (बौद्ध धर्म)
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मध्य क्षेत्र: Adi, Nyishi, Apatani (Donyi-Polo आस्था)
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पूर्वी क्षेत्र: Wancho, Nocte (मुखिया प्रणाली)
Apatani जनजाति
Ziro Valley की Apatani जनजाति बिना मशीनों के धान और मछली पालन की उन्नत प्रणाली अपनाती है। यह क्षेत्र UNESCO tentative list में शामिल है।
नागालैंड: योद्धा परंपरा से आधुनिक पहचान
नागालैंड में 16 प्रमुख जनजातियाँ हैं।
यहाँ की tribes of India पहले head-hunting जैसी परंपराओं के लिए जानी जाती थीं।
Hornbill Festival
यह “Festival of Festivals” है, जहाँ सभी Naga जनजातियाँ एक मंच पर अपनी संस्कृति प्रदर्शित करती हैं।
मेघालय: मातृसत्तात्मक समाज
Khasi, Jaintia और Garo जनजातियाँ मातृवंशीय प्रणाली का पालन करती हैं।
सबसे छोटी बेटी (Ka Khadduh) संपत्ति की उत्तराधिकारी होती है।
Living Root Bridges
Khasi जनजाति द्वारा बनाए गए जीवित जड़ पुल विश्व-प्रसिद्ध हैं।
मिजोरम: अनुशासन और नैतिकता
मिजोरम में 94.4% जनसंख्या जनजातीय है।
यहाँ का सामाजिक सिद्धांत Tlawmngaihna सामूहिक सेवा और त्याग पर आधारित है।
मणिपुर: घाटी और पहाड़
यहाँ पहाड़ों में tribes of India (Naga और Kuki) और घाटी में Meitei रहते हैं।
त्रिपुरा: बदलती जनसंख्या
यहाँ Reang (Bru) जनजाति एक PVTG है।
Hojagiri नृत्य इनकी सांस्कृतिक पहचान है।
असम: प्रवेश द्वार
Bodo, Mishing, Karbi और Dimasa प्रमुख tribes of India हैं।
सिक्किम: हिमालयी समन्वय
Lepcha, Bhutia और Limbu जनजातियाँ यहाँ की मूल पहचान हैं।
मध्य और पूर्वी भारत: Tribal Heartland
यह क्षेत्र tribes of India की जनसंख्या का केंद्र है।
मध्य प्रदेश
Gond, Bhil और Baiga जनजातियाँ प्रमुख हैं।
Gond Art अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रसिद्ध है।
छत्तीसगढ़
Bastar क्षेत्र Muria और Maria जनजातियों का केंद्र है।
Ghotul सामाजिक शिक्षा का अनूठा उदाहरण है।
झारखंड
Santhal और Munda जनजातियाँ यहाँ की पहचान हैं।
Sarhul और Sohrai प्रमुख पर्व हैं।
ओडिशा
भारत में सबसे अधिक PVTG यहीं हैं।
Dongria Kondh ने Niyamgiri पहाड़ों की रक्षा की।
पश्चिम बंगाल
Santhal और Toto जनजातियाँ महत्वपूर्ण हैं।
बिहार
Tharu जनजाति Terai क्षेत्र में निवास करती है।
पश्चिमी भारत: रेगिस्तान और तट
Rajasthan, Gujarat, Maharashtra और Goa की tribes of India वीरता और कला के लिए जानी जाती हैं।
दक्षिण भारत: घाटों के संरक्षक
Chenchu, Toda, Irula और Kurichiya जैसी tribes of India पारिस्थितिक संतुलन की रक्षा करती हैं।
हिमालयी उत्तर
Uttarakhand, Himachal, J&K और Ladakh में अर्ध-घुमंतू tribes of India रहती हैं।
उत्तराखंड की प्रमुख जनजातियाँ
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Jaunsari
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Tharu
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Bhotia
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Buksa
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Raji (PVTG)
द्वीपों की जनजातियाँ
Sentinelese, Jarawa, Nicobarese और Lakshadweep की जनजातियाँ सबसे अधिक अलग-थलग हैं।
कला, अर्थव्यवस्था और भविष्य
आजीविका
Minor Forest Produce आज भी tribes of India की आय का आधार है।
कला
Warli, Gond, Dhokra, Saura और Pithora कला विश्व-प्रसिद्ध हैं।
चुनौतियाँ
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भूमि विस्थापन
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स्वास्थ्य संकट
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शिक्षा की कमी
PM-JANMAN योजना PVTG के लिए एक ऐतिहासिक पहल है।
निष्कर्ष
tribes of India भारत की जीवित जड़ें हैं।
विकास का उद्देश्य उन्हें बदलना नहीं, बल्कि सशक्त बनाना होना चाहिए—ताकि वे अपनी पहचान के साथ आगे बढ़ सकें।
About Doon Defence Dreamers
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